अथर्ववेदAtharvavedaAV 10.3

वरण-मणि से रक्षाProtection by the varana amulet

नीचे के भावार्थ AI से बने हैं और समीक्षा बाकी है।The meanings below are AI-generated and await review.

  1. १

    अयं मे वरणो मणिः सपत्नक्षयणो व्ŕ̥षा ।तेना रभस्व त्वं शत्रून् प्र मृणीहि दुरस्यतः

    यह मेरी वरण-मणि सपत्नों का नाश करने वाली और बलशाली (वृषा) है। इसके सहारे तुम शत्रुओं को पकड़ो और बुरा चाहने वालों को कुचल डालो।

    This varana amulet of mine is a bull that destroys rivals. With it take hold of your enemies and crush those who wish you harm.

  2. २

    प्रैणान् छृणीहि प्र मृणा रभस्व मणिस् ते अस्तु पुरएता पुरस्तात् ।अवारयन्त वरणेन देवा अभ्याचारम् असुराणां श्वःश्वः

    इन्हें (शत्रुओं को) कुचलो, मसल दो, पकड़ लो; यह मणि तुम्हारे आगे-आगे अगुआ बनकर चले। वरण के द्वारा देवों ने असुरों के आक्रमण को दिन-प्रतिदिन रोका।

    Crush them (the enemies), smash them, seize them; let the amulet go ahead of you as your leader. With varana the gods warded off the attack of the Asuras day after day.

  3. ३

    अयं मणिर् वरणो विश्वभेषजः सहस्राक्षो हरितो हिरण्ययः ।स ते शत्रून् अधरान् पादयाति पूर्वस् तान् दभ्नुहि ये त्वा द्विषन्ति

    यह वरण-मणि सब रोगों की औषधि, हज़ार आँखों वाली, हरी-पीली और सुनहरी है। यह तुम्हारे शत्रुओं को नीचे गिराएगी; जो तुमसे द्वेष करते हैं, उन्हें तुम पहले ही दबा दो।

    This varana amulet heals everything; it is thousand-eyed, yellow-green and golden. It will throw your enemies down; strike first at those who hate you.

  4. ४

    अयं ते कृत्यां वितताम् पौरुषेयाद् अयं भयात् ।अयं त्वा सर्वस्मात् पापाद् वरणो वारयिष्यते

    यह वरण तुमसे फैलाई गई कृत्या (टोना) को, मनुष्यों से होने वाले भय को, और सब पापों को दूर रखेगा।

    This varana will ward off from you the witchcraft spread against you, the fear that comes from men, and every evil.

  5. ५

    वरणो वारयाता अयं देवो वनस्पतिः ।यक्ष्मो यो अस्मिन्न् आविष्टस् तम् उ देवा अवीवरन्

    यह दिव्य वनस्पति वरण रोके; इस व्यक्ति में जो यक्ष्मा रोग घुस गया है, उसे देवों ने रोक दिया है।

    Let varana, this divine tree, ward off. The wasting disease (yakshma) that has entered this man, the gods have warded it off.

  6. ६

    स्वप्नं सुप्त्वा यदि पश्यासि पापं मृगः सृतिं यति धावाद् अजुष्टाम् ।परिक्षवाच् छकुनेः पापवादाद् अयं मणिर् वरणो वारयिष्यते

    यदि सोकर तुम बुरा स्वप्न देखो, यदि कोई पशु अशुभ मार्ग पर दौड़े, तो छींक से और पक्षी की अशुभ बोली से यह वरण-मणि तुम्हें बचाएगी।

    If you sleep and see an evil dream, if a wild animal runs on an unwelcome path, this varana amulet will ward you from sneezing and from a bird's ill-omened cry.

  7. ७

    अरात्यास् त्वा निरृत्या अभिचाराद् अथो भयात् ।मृत्योर् ओजीयसो वधाद् वरणो वारयिष्यते

    अराति से, निरृति से, अभिचार से और भय से, मृत्यु से और अधिक बलवान के प्रहार से वरण तुम्हें बचाएगा।

    From Arati, from Nirriti, from sorcery and from fear, from death and from the blow of one stronger, varana will ward you.

  8. ८

    यन् मे माता यन् मे पिता भ्रातरो यच् च मे स्वा यद् एनश् चकृमा वयम् ।ततो नो वारयिष्यते ऽयं देवो वनस्पतिः

    मेरी माता ने, मेरे पिता ने, मेरे भाइयों ने, मेरे अपने लोगों ने और हमने स्वयं जो पाप किया है, उससे यह दिव्य वनस्पति हमें बचाएगी।

    Whatever sin my mother, my father, my brothers, my own kin, and we ourselves have committed, this divine tree will ward us from it.

  9. ९

    वरणेन प्रव्यथिता भ्रातृव्या मे सबन्धवः ।असूर्तं रजो अप्य् अगुस् ते यन्त्व् अधमं तमः

    वरण से काँपकर मेरे प्रतिद्वन्द्वी अपने बन्धुओं सहित अँधेरे लोक में चले गए हैं; वे सबसे नीचे के अन्धकार में जाएँ।

    Shaken by varana, my rivals and their kin have gone into the dark realm; let them go down to the lowest darkness.

  10. १०

    अरिष्टो ऽहम् अरिष्टगुर् आयुष्मान्त् सर्वपूरुषः ।तम् मायं वरणो मणिः परि पातु दिशोदिशः ॥१०॥ {७}

    मैं सुरक्षित हूँ, मेरे पशु सुरक्षित हैं, मैं दीर्घायु हूँ और मेरे सब लोग साथ हैं। यह वरण-मणि हर दिशा से मेरी रक्षा करे।

    I am unharmed, my cattle are unharmed; I am long-lived, with all my people. Let this varana amulet protect me from every direction.

  11. ११

    अयं मे वरण उरसि राजा देवो वनस्पतिः ।स मे शत्रून् वि बाधताम् इन्द्रो दस्यून् इवासुरान्

    मेरी छाती पर बँधा यह वरण राजा है, दिव्य वनस्पति है। यह मेरे शत्रुओं को दूर भगाए, जैसे इन्द्र ने दस्युओं और असुरों को भगाया।

    This varana on my chest is a king, a divine tree. Let it drive off my enemies, as Indra drove off the Dasyus and Asuras.

  12. १२

    इमं बिभर्मि वरणम् आयुष्मान् छतशारदः ।स मे राष्ट्रं च क्षत्रं च पशून् ओजश् च मे दधत्

    सौ शरद् तक दीर्घायु होकर मैं यह वरण धारण करता हूँ। यह मुझे राष्ट्र, क्षत्र (शासन-बल), पशु और ओज दे।

    I wear this varana, living long, for a hundred autumns. Let it give me kingdom and ruling power, cattle and strength.

  13. १३

    यथा वातो वनस्पतीन् वृक्षान् भनक्त्य् ओजसा ।एवा सपत्नान् मे भङ्ग्धि पूर्वान् जाताꣳ उतापरान् वरणस् त्वाभि रक्षतु

    जैसे वायु अपने बल से वनस्पतियों और वृक्षों को तोड़ देता है, वैसे ही मेरे पहले जन्मे और बाद में जन्मे सपत्नों को तोड़ दो। वरण तुम्हारी रक्षा करे।

    As the wind breaks trees and forest giants by its force, so break my rivals, those born before and those born after. Let varana protect you.

  14. १४

    यथा वातश् चाग्निश् च वृक्षान् प्सातो वनस्पतीन् ।एवा सपत्नान् मे प्साहि पूर्वान् जाताꣳ उतापरान् वरणस् त्वाभि रक्षतु

    जैसे वायु और अग्नि वृक्षों और वनस्पतियों को खा जाते हैं, वैसे ही मेरे पहले और बाद में जन्मे सपत्नों को खा जाओ। वरण तुम्हारी रक्षा करे।

    As wind and Agni devour the trees and forest giants, so devour my rivals, those born before and those born after. Let varana protect you.

  15. १५

    यथा वातेन प्रक्षीणा वृक्षाः शेरे न्य᳙र्पिताः ।एवा सपत्नांस् त्वं मम प्र क्षिणीहि न्य् अ᳙र्पय ।पूर्वान् जाताꣳ उतापरान् वरणस् त्वाभि रक्षतु

    जैसे वायु से नष्ट हुए वृक्ष गिरकर पड़े रहते हैं, वैसे ही तुम मेरे पहले और बाद में जन्मे सपत्नों को नष्ट करो और गिरा दो। वरण तुम्हारी रक्षा करे।

    As trees destroyed by the wind lie flattened, so destroy my rivals and lay them low, those born before and those born after. Let varana protect you.

  16. १६

    तांस् त्वं प्र छिन्द्धि वरण पुरा दिष्टात् पुरायुषः ।य एनं पशुषु दिप्सन्ति ये चास्य राष्ट्रदिप्सवः

    हे वरण, जो इस व्यक्ति को उसके पशुओं में हानि पहुँचाना चाहते हैं और जो इसके राष्ट्र को हानि पहुँचाना चाहते हैं, उन्हें नियत समय से पहले, आयु पूरी होने से पहले काट डालो।

    Varana, cut them down before their appointed time, before their life is done: those who seek to harm this man through his cattle and those who seek to harm his kingdom.

  17. १७

    यथा सूर्यो अतिभाति यथास्मिन् तेज आहितम् ।एवा मे वरणो मणिः कीर्तिं भूतिं नि यछतु ।तेजसा मा सम् उक्षतु यशसा सम् अनक्तु मा

    जैसे सूर्य सबसे बढ़कर चमकता है और उसमें तेज रखा गया है, वैसे ही वरण-मणि मुझे कीर्ति और समृद्धि दे; मुझे तेज से सींचे और यश से अभिषिक्त करे।

    As the sun outshines all and brilliance is placed in it, so let the varana amulet grant me fame and prosperity, sprinkle me with brilliance and anoint me with glory.

  18. १८

    यथा यशश् चन्द्रमस्य् आदित्ये च नृचक्षसि ।एवा मे वरणो मणिः कीर्तिं भूतिं नि यछतु ।तेजसा मा सम् उक्षतु यशसा सम् अनक्तु मा

    जैसे चन्द्रमा में और मनुष्यों को देखने वाले आदित्य में यश है, वैसे ही वरण-मणि मुझे कीर्ति और समृद्धि दे; मुझे तेज से सींचे और यश से अभिषिक्त करे।

    As there is glory in the moon and in Aditya who watches over men, so let the varana amulet grant me fame and prosperity, sprinkle me with brilliance and anoint me with glory.

  19. १९

    यथा यशः पृथिव्यां यथास्मिन् जातवेदसि ।एवा मे वरणो मणिः कीर्तिं भूतिं नि यछतु ।तेजसा मा सम् उक्षतु यशसा सम् अनक्तु मा

    जैसे पृथ्वी में और इस जातवेदस् (अग्नि) में यश है, वैसे ही वरण-मणि मुझे कीर्ति और समृद्धि दे; मुझे तेज से सींचे और यश से अभिषिक्त करे।

    As there is glory in the earth and in this Jatavedas, so let the varana amulet grant me fame and prosperity, sprinkle me with brilliance and anoint me with glory.

  20. २०

    यथा यशः कन्या᳙यां यथास्मिन्त् संभृते रथे ।एवा मे वरणो मणिः कीर्तिं भूतिं नि यछतु ।तेजसा मा सम् उक्षतु यशसा सम् अनक्तु मा ॥२०॥ {८}

    जैसे कन्या में और इस भली-भाँति जोड़े गए रथ में यश है, वैसे ही वरण-मणि मुझे कीर्ति और समृद्धि दे; मुझे तेज से सींचे और यश से अभिषिक्त करे।

    As there is glory in a maiden and in this well-built chariot, so let the varana amulet grant me fame and prosperity, sprinkle me with brilliance and anoint me with glory.

  21. २१

    यथा यशः सोमपीथे मधुपर्के यथा यशः ।एवा मे वरणो मणिः कीर्तिं भूतिं नि यछतु ।तेजसा मा सम् उक्षतु यशसा सम् अनक्तु मा

    जैसे सोम-पान में और मधुपर्क में यश है, वैसे ही वरण-मणि मुझे कीर्ति और समृद्धि दे; मुझे तेज से सींचे और यश से अभिषिक्त करे।

    As there is glory in the drinking of soma and in the madhuparka offering, so let the varana amulet grant me fame and prosperity, sprinkle me with brilliance and anoint me with glory.

  22. २२

    यथा यशो ऽग्निहोत्रे वषट्कारे यथा यशः ।एवा मे वरणो मणिः कीर्तिं भूतिं नि यछतु ।तेजसा मा सम् उक्षतु यशसा सम् अनक्तु मा

    जैसे अग्निहोत्र में और वषट्कार में यश है, वैसे ही वरण-मणि मुझे कीर्ति और समृद्धि दे; मुझे तेज से सींचे और यश से अभिषिक्त करे।

    As there is glory in the agnihotra and in the call of vashat, so let the varana amulet grant me fame and prosperity, sprinkle me with brilliance and anoint me with glory.

  23. २३

    यथा यशो यजमाने यथास्मिन् यज्ञ आहितम् ।एवा मे वरणो मणिः कीर्तिं भूतिं नि यछतु ।तेजसा मा सम् उक्षतु यशसा सम् अनक्तु मा

    जैसे यजमान में यश है और इस यज्ञ में रखा गया है, वैसे ही वरण-मणि मुझे कीर्ति और समृद्धि दे; मुझे तेज से सींचे और यश से अभिषिक्त करे।

    As there is glory in the sacrificer and it is placed in this yajna, so let the varana amulet grant me fame and prosperity, sprinkle me with brilliance and anoint me with glory.

  24. २४

    यथा यशः प्रजापतौ यथास्मिन् परमेष्ठिनि ।एवा मे वरणो मणिः कीर्तिं भूतिं नि यछतु ।तेजसा मा सम् उक्षतु यशसा सम् अनक्तु मा

    जैसे प्रजापति में और इस परमेष्ठिन् में यश है, वैसे ही वरण-मणि मुझे कीर्ति और समृद्धि दे; मुझे तेज से सींचे और यश से अभिषिक्त करे।

    As there is glory in Prajapati and in this Parameshthin, so let the varana amulet grant me fame and prosperity, sprinkle me with brilliance and anoint me with glory.

  25. २५

    यथा देवेष्व् अम्ŕ̥तं यथैषु सत्यम् आहितम् ।एवा मे वरणो मणिः कीर्तिं भूतिं नि यछतु ।तेजसा मा सम् उक्षतु यशसा सम् अनक्तु मा ॥२५॥ {९}

    जैसे देवों में अमृत है और उनमें सत्य रखा गया है, वैसे ही वरण-मणि मुझे कीर्ति और समृद्धि दे; मुझे तेज से सींचे और यश से अभिषिक्त करे।

    As immortality is in the gods and truth is placed in them, so let the varana amulet grant me fame and prosperity, sprinkle me with brilliance and anoint me with glory.