अथर्ववेदAtharvavedaAV 4.37

गन्धर्व-अप्सराओं का निवारणDriving off Gandharvas and Apsarases

नीचे के भावार्थ AI से बने हैं और समीक्षा बाकी है।The meanings below are AI-generated and await review.

  1. १

    त्वया पूर्वम् अथर्वाणो जघ्नू रक्षांस्य् ओषधे ।त्वया जघान कश्यपस् त्वया कण्वो अगस्त्यः

    हे औषधि, पहले अथर्वाओं ने तुम्हारे द्वारा राक्षसों को मारा था; तुम्हारे द्वारा कश्यप ने, और तुम्हारे द्वारा कण्व और अगस्त्य ने मारा।

    With you, O plant, the Atharvans of old killed the demons; with you Kashyapa killed them, and with you Kanva and Agastya.

  2. २

    त्वया वयम् अप्सरसो गन्धर्वांस् चातयामहे ।अजशृङ्ग्य् अज रक्षः सर्वान् गन्धेन नाशय

    तुम्हारे द्वारा हम अप्सराओं और गन्धर्वों को भगाते हैं। हे अजशृङ्गी, राक्षस को हाँक दो; अपनी गन्ध से सबको नष्ट कर दो।

    With you we drive away the Apsarases and Gandharvas. Ajashringi, drive the demon off; destroy them all with your smell.

  3. ३

    नदीं यन्त्व् अप्सरसो ऽपां तारम् अवश्वसम् ।गुल्गुलूः पीला नलद्य् अ᳙उक्षगन्धिः प्रमन्दनी ।तत् परेताप्सरसः प्रतिबुद्धा अभूतन

    अप्सराएँ नदी की ओर, जल के घाट की ओर चली जाएँ — गुल्गुलू, पीला, नलदी, औक्षगन्धि, प्रमन्दनी। हे अप्सराओ, वहाँ चली जाओ; तुम पहचान ली गई हो।

    Let the Apsarases go to the river, to the crossing of the waters — Gulgulu, Pila, Naladi, Aukshagandhi, Pramandani. Go away there, Apsarases; you have been found out.

  4. ४

    यत्राश्वत्था न्यग्रोधा महावृक्षाः शिखण्डिनः ।तत् परेताप्सरसः प्रतिबुद्धा अभूतन

    जहाँ अश्वत्थ और न्यग्रोध जैसे शिखा वाले बड़े वृक्ष हैं, हे अप्सराओ, वहाँ चली जाओ; तुम पहचान ली गई हो।

    Where the ashvattha and nyagrodha stand, great crested trees — go away there, Apsarases; you have been found out.

  5. ५

    यत्र वः प्रेङ्खा हरिता अर्जुना उत यत्राघाताः कर्कर्यः᳙ संवदन्ति ।तत् परेताप्सरसः प्रतिबुद्धा अभूतन

    जहाँ तुम्हारे हरे और उजले झूले हैं, और जहाँ झाँझ और वीणाएँ साथ बजती हैं, हे अप्सराओ, वहाँ चली जाओ; तुम पहचान ली गई हो।

    Where your swings are, green and bright, and where cymbals and lutes sound together — go away there, Apsarases; you have been found out.

  6. ६

    एयम् अगन्न् ओषधीनां वीरुधाम् वीर्या᳙वती ।अजशृङ्ग्य् अ᳙राटकी तीक्ष्णशृङ्गी व्यृ᳙षतु

    औषधियों और लताओं में सबसे शक्तिशाली यह आ गई है। अजशृङ्गी, अराटकी, तीखे सींग वाली इन्हें बेधकर दूर करे।

    Here she has come, the most potent of herbs and plants. Let the Ajashringi, the Aratakī, the sharp-horned, gore them away.

  7. ७

    आन्ŕ̥त्यतः शिखण्डिनो गन्धर्वस्याप्सरापतेः ।भिनद्मि मुष्काव् अपि यामि शेपः

    नाचते हुए आने वाले, शिखा वाले, अप्सराओं के पति गन्धर्व के दोनों अण्डकोष मैं फोड़ता हूँ और उसका लिङ्ग बाँध देता हूँ।

    Of the Gandharva who comes dancing, crested, the husband of the Apsarases, I split the two testicles and tie off the penis.

  8. ८

    भीमा इन्द्रस्य हेतयः शतं ऋष्टीर् अयस्मयीः ।ताभिर् हविरदान् गन्धर्वान् अवकादान् व्यृ᳙षतु

    इन्द्र के अस्त्र भयानक हैं — सौ लोहे के भाले। उनसे वह हवि खाने वाले, अवका खाने वाले गन्धर्वों को बेध डाले।

    Fearsome are Indra's weapons, a hundred iron spears. With them let him gore the Gandharvas who eat the offerings, who eat the avaka plant.

  9. ९

    भीमा इन्द्रस्य हेतयः शतं ऋष्टीर् हिरण्ययीः ।ताभिर् हविरदान् गन्धर्वान् अवकादान् व्यृ᳙षतु

    इन्द्र के अस्त्र भयानक हैं — सौ सोने के भाले। उनसे वह हवि खाने वाले, अवका खाने वाले गन्धर्वों को बेध डाले।

    Fearsome are Indra's weapons, a hundred golden spears. With them let him gore the Gandharvas who eat the offerings, who eat the avaka plant.

  10. १०

    अवकादान् अभिशोचान् अप्सु ज्योतय मामकान् ।पिशाचान्त् सर्वान् ओषधे प्र मृणीहि सहस्व च

    अवका खाने वाले, जलाने वाले, जल में चमकने वाले — हे औषधि, मुझे सताने वाले उन सब पिशाचों को कुचल डालो और उन्हें परास्त करो।

    The avaka-eaters, the scorching ones, who glow in the waters — crush all those Pishachas that beset me, O plant, and overpower them.

  11. ११

    श्वेवैकः कपिर् इवैकः कुमारः सर्वकेशकः ।प्रियो दृश इव भूत्वा गन्धर्वः सचते स्त्रियस् ।तम् इतो नाशयामसि ब्रह्मणा वीर्या᳙वता

    एक कुत्ते जैसा, एक बन्दर जैसा, सारे शरीर पर बालों वाला बालक — देखने में प्रिय-सा बनकर गन्धर्व स्त्रियों से जा चिपकता है। उसे हम शक्तिशाली मन्त्र से यहाँ से नष्ट करते हैं।

    One like a dog, one like a monkey, a boy hairy all over — the Gandharva makes himself look pleasing and attaches himself to women. We destroy him from here with a potent spell.

  12. १२

    जाया इद् वो अप्सरसो गन्धर्वाः पतयो युयम् ।अप धावतामर्त्या मर्त्यान् मा सचध्वम्

    हे गन्धर्वो, अप्सराएँ ही तुम्हारी पत्नियाँ हैं, तुम उनके पति हो। हे अमर्त्यो, दूर भागो; मनुष्यों से मत चिपको।

    The Apsarases are your wives, Gandharvas; you are their husbands. Run off, you immortals; do not cling to mortals.