अथर्ववेदAtharvavedaAV 6.138
नपुंसक बनाने का अभिचारSpell to make a man impotent
नीचे के भावार्थ AI से बने हैं और समीक्षा बाकी है।The meanings below are AI-generated and await review.
- १
त्वं वीरुधां श्रेष्ठतमाभिश्रुतास्य् ओषधे ।इमं मे अद्य पुरुषं क्लीबम् ओपशिनं कृधि
हे ओषधि, तुम वनस्पतियों में सबसे श्रेष्ठ और प्रसिद्ध हो। आज मेरे लिए इस पुरुष को नपुंसक और 'ओपश' (स्त्रियों का केश-आभूषण) धारण करने वाला बना दो।
Plant, you are the best and most renowned of all herbs. Today make this man impotent for me, a wearer of the opasha (a woman's braided hair ornament).
- २
क्लीबं कृध्य् ओपशिनम् अथो कुरीरिणं कृधि ।अथास्येन्द्रो ग्रावभ्याम् उभे भिनत्त्व् आण्ड्य᳙उ
इसे नपुंसक और ओपश वाला बनाओ, फिर इसे 'कुरीर' (स्त्रियों का शिरोभूषण) धारण करने वाला बनाओ। फिर इन्द्र सोम कूटने के दो पत्थरों से इसके दोनों अण्डकोष तोड़ दें।
Make him impotent, a wearer of the opasha, and then make him a wearer of the kurira (a woman's headdress). Then let Indra crush both his testicles with the two pressing-stones.
- ३
क्लीब क्लीबं त्वाकरं वध्रे वध्रिं त्वाकरम् अरसारसं त्वाकरम् ।कुरीरम् अस्य शीर्षणि कुम्बं चाधिनिदध्मसि
(अब उस पुरुष से:) हे नपुंसक, मैंने तुझे नपुंसक बना दिया; हे बधिया, मैंने तुझे बधिया बना दिया; हे निःसार, मैंने तुझे निःसार बना दिया। हम इसके सिर पर कुरीर और कुम्ब (स्त्रियों का शिरोभूषण) रखते हैं।
(To the man:) Eunuch, I have made you a eunuch; gelding, I have made you a gelding; sapless one, I have made you sapless. We set the kurira and the kumba (a woman's head ornament) on his head.
- ४
ये ते नाद्य᳙उ देवकृते ययोस् तिष्ठति व्ŕ̥ष्ण्यम् ।ते ते भिनद्मि शम्ययामुष्या अधि मुष्कयोः
(उस पुरुष से:) देवताओं की बनाई तेरी जो दो नाड़ियाँ हैं, जिनमें तेरा पौरुष रहता है, उन्हें मैं खूँटी से तोड़ता हूँ, अमुक स्त्री के कारण, अण्डकोषों के ऊपर।
(To the man:) Your two god-made ducts, in which your virility resides, I split with a peg, on the testicles, for the sake of that woman.
- ५
यथा नडम् कशिपुने स्त्रियो भिन्दन्त्य् अश्मना ।एवा भिनद्मि ते शेपो ऽमुष्या अधि मुष्कयोः
(उस पुरुष से:) जैसे स्त्रियाँ चटाई बनाने के लिए नरकुल को पत्थर से कुचलती हैं, वैसे ही मैं तेरे लिंग को अमुक स्त्री के कारण, अण्डकोषों के ऊपर, तोड़ता हूँ।
(To the man:) As women split reeds with a stone to make a mat, so I split your penis, on the testicles, for the sake of that woman.