अथर्ववेदAtharvavedaAV 20.61
इन्द्र और उसके मद की स्तुतिPraise of Indra and his exhilaration
नीचे के भावार्थ AI से बने हैं और समीक्षा बाकी है।The meanings below are AI-generated and await review.
- १
तं ते मदं गृणीमसि व्ŕ̥षणं पृत्सु सासहिम् ।उ लोककृत्नुम् अद्रिवो हरिश्रियम्
हे अद्रिवः (वज्रधारी इन्द्र), हम तेरे उस मद की स्तुति करते हैं जो वृषभ जैसा बलवान है, युद्धों में शत्रुओं को दबा देता है, खुला स्थान बनाता है और हरित-सुनहली आभा वाला है।
O Adrivas, we praise that exhilaration of yours: bull-strong, overpowering in battles, making wide space, golden-bright.
- २
येन ज्योतीम्ष्य् आयवे मनवे च विवेदिथ ।मन्दानो अस्य बर्हिषो वि राजसि
जिस (मद) से तूने आयु और मनु के लिए ज्योतियाँ प्राप्त कीं, उसी से आनन्दित होकर तू इस बर्हिस् (यज्ञ के कुश-आसन) पर विराजता है।
Through it you found the lights for Ayu and for Manu; exhilarated, you reign over this barhis (the sacrificial grass seat).
- ३
तद् अद्या चित् त उक्थिनो ऽनु ष्टुवन्ति पूर्वथा ।व्ŕ̥षपत्नीर् अपो जया दिवेदिवे
आज भी उक्थ गाने वाले तेरे उस (पराक्रम) की पहले की तरह स्तुति करते हैं। तू दिन-प्रतिदिन उन जलों को जीत, जिनका स्वामी वृषभ है।
Even today the reciters of hymns praise that (deed) of yours, as in the past. Win the waters whose lord is the bull, day after day.
- ४
तम् व् अभि प्र गायत पुरुहूतं पुरुष्टुतम् ।इन्द्रं गीर्भिस् तविषम् आ विवासत
(अब गायकों से:) उस बहुतों द्वारा पुकारे गए, बहुतों द्वारा स्तुत इन्द्र के लिए गाओ; उस बलवान इन्द्र की वाणियों से सेवा करो।
(To the singers:) Sing out to him, the much-invoked, the much-praised; honour mighty Indra with your songs.
- ५
यस्य द्विबर्हसो बृहत् सहो दाधार रोदसी ।गिरीꣳर् अज्राꣳ अपः स्व᳙र् वृषत्वना
जिस द्विबर्हस् (दोहरे बल वाले) इन्द्र के महान बल ने अपने वृषभ-पराक्रम से द्यावा-पृथिवी, पर्वतों, मैदानों, जलों और सूर्य को धारण किया है।
He whose great might, the doubly strong one's, has held up heaven and earth, the mountains, the plains, the waters and the sun by his bull-like power.
- ६
स राजसि पुरुष्टुतꣳ एको वृत्राणि जिघ्नसे ।इन्द्र जैत्रा श्रवस्य च यन्तवे
हे बहुतों द्वारा स्तुत इन्द्र, तू राज करता है; तू अकेला ही विजय और यश पाने के लिए वृत्रों (बाधाओं) का वध करता है।
You reign, much-praised one; alone you strike down the obstacles, Indra, to win victories and fame.