अथर्ववेदAtharvavedaAV 7.114

विरोधी का तेज हरनाTaking away a rival's splendour

नीचे के भावार्थ AI से बने हैं और समीक्षा बाकी है।The meanings below are AI-generated and await review.

  1. १

    आ ते ददे वक्षणाभ्य आ ते ऽहं ह्ŕ̥दयाद् ददे ।आ ते मुखस्य सङ्काशात् सर्वं ते वर्च आ ददे

    (शत्रु से:) मैं तेरी वक्षणाओं से, तेरे हृदय से, तेरे मुख की आभा से — तेरा सारा वर्चस् (तेज) ले लेता हूँ।

    (To the adversary:) I take from your loins, I take from your heart; from the look of your face I take away all your splendour.

  2. २

    प्रेतो यन्तु व्या᳙ध्यः प्रानुध्याः प्रो अशस्तयः ।अग्नी रक्षस्विनीर् हन्तु सोमो हन्तु दुरस्यतीः

    यहाँ से रोग दूर चले जाएँ, चिन्ताएँ दूर जाएँ, अपयश (शाप) दूर जाएँ। अग्नि राक्षसी (बाधाओं) को मारे, सोम बुरा चाहने वालियों को मारे।

    Let diseases go away from here, let anxieties go away, let curses go away. Let Agni strike down the demonic ones, and let Soma strike down the ill-wishers.