१पा॒क॒य॒ज्ञं सग्ग् श्र॑वाः प॒रोक्षं॑ ब॒र्हिषो॒हं ध्रु॒वामग॒न्मेत्या॑ह॒ देव॑ सवितर्दे॒वस्या॒हं क्ष॒त्रस्योल्बं॒ वाज॑स्ये॒मम॒ग्निरेका᳚क्षरेणोऽपया॒म गृ॑हीतोऽ॒स्यन्वह॒ मासा॒स्त्रयो॑दश ॥ पा॒क॒य॒ज्ञं प॒रोक्षं॑ ध्रु॒वां वि सृ॑जते च नः॒ सर्व॑वीरां॒ पत॑यः स्या॒मैक॑ पंचा॒शत् ॥ पा॒क॒य॒ज्ञं धन्व॑सु ॥ १ अनु॑मत्यै पुरो॒डाश॑म॒ष्टाक॑पालं॒ निर्व॑पति धे॒नुर्दक्षि॑णा॒ ये प्र॒त्यञ्चः॒ शम्या॑या अव॒शीय॑न्ते॒ तन्नैर्॑ऋ॒तमेक॑कपालं कृ॒ष्णं वासः॑ कृ॒ष्णतू॑षं॒ दक्षि॑णा॒ वीहि॒ स्वाहाऽऽहु॑तिं जुषा॒ण ए॒ष ते॑ निरृते भा॒गो भूते॑ ह॒विष्म॑त्यसि मु॒ञ्चेममंह॑सः॒ स्वाहा॒ नमो॒ य इ॒दं च॒काराऽऽ॑दि॒त्यं च॒रुं निर्व॑पति॒ वरो॒ दक्षि॑णा ऽऽग्नावैष्ण॒वमेका॑दशकपालं वाम॒नो व॒ही दक्षि॑णाऽग्नीषो॒मीय॒मे २ का॑दशकपालं॒॒ हिर॑ण्यं॒ दक्षि॑णै॒न्द्रमेका॑दशकपालमृष॒भो व॒ही दक्षि॑णाऽऽग्ने॒यम॒ष्टाक॑पालमै॒न्द्रं दध्यृ॑ष॒भो व॒ही दक्षि॑णैन्द्रा॒ग्नं द्वाद॑शकपालं वैश्वदे॒वं च॒रुं प्र॑थम॒जो व॒थ्सो दक्षि॑णा सौ॒म्यग्ग् श्या॑मा॒कं च॒रुं वासो॒ दक्षि॑णा॒ सर॑स्वत्यै च॒रुं सर॑स्वते च॒रुं मि॑थु॒नौ गावौ॒ दक्षि॑णा ॥ अ॒ग्नी॒षो॒मीयं॒ चतु॑स्त्रिंशच्च
(अनुक्रम-सूची के बाद:) अनुमति के लिए आठ कपालों का पुरोडाश, दक्षिणा दुधारू गाय; शम्या के पश्चिम गिरे दानों से निरृति का एककपाल, दक्षिणा काली किनारी वाला काला वस्त्र। 'हे निरृति, आहुति स्वीकार कर खा, स्वाहा; यह तेरा भाग है; हे भूति, तू हविवाली है, इस (यजमान) को संकट से छुड़ा, स्वाहा; जिसने यह किया उसे नमस्कार' — फिर क्रम से अदिति, अग्नि-विष्णु, अग्नि-सोम, इन्द्र, अग्नि, इन्द्र-अग्नि, विश्वेदेव, सोम, सरस्वती और सरस्वत् के लिए चरु/पुरोडाश, हर एक की अपनी दक्षिणा (वर, बौना बैल, सोना, बैल, पहला बछड़ा, वस्त्र, गाय-बैल का जोड़ा)।
(After an index of section openings:) For Anumati he offers a cake on eight potsherds, the fee a milch cow; from the grains that fall west of the yoke-pin, a one-potsherd cake for Nirriti, the fee a black cloth with a black border. "Eat, enjoying the offering, svaha; this is your share, Nirriti; Bhuti, you are rich in oblation, free this man (the sacrificer) from distress, svaha; homage to him who did this" — then in turn offerings to Aditi, Agni-Vishnu, Agni-Soma, Indra, Agni, Indra-Agni, the All-Gods, Soma, Sarasvati and Sarasvat, each with its fee (a chosen gift, a dwarf draught-ox, gold, a bull, a first-born calf, a garment, a cow and bull as a pair).